दुबई बना दुनिया का पहला कागज रहित सरकार ?

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दुबई बना दुनिया का पहला कागज रहित सरकार ?
दुबई बना दुनिया का पहला कागज रहित सरकार ?

दुबई अब बन चुका है दुनिया का सबसे पहला कागज रहित सरकार यहां अब सारे काम कागज के बिना होंगे अब सारे काम ऑनलाइन के जाएंगे ।

क्रॉउन प्रिंस शेख हमदान ने 13 दिसंबर 2021 को दुबई की सरकार को कागज रहित घोषित किया है।

दुबई जोकि यूएई की एक शहर है 100% पेपर लेस होने वाली दुनिया की पहली सरकार बनाई गई है अमीरात के क्रॉउन प्रिंस ने 1.3 बिलियन डॉलर(350 मिलियन अमेरिकी डॉलर) और 14 मिलीयन मैन घंटे की बचत की ओर ध्यान केंद्रित करते हुए एलान की है।

दुबई सरकार में सभी आंतरिक बाहरी लेन-देन और प्रतिक्रियाएं अब पूर्णरूपेण सत प्रतिशत ऑनलाइन अर्थात डिजिटल है। और एक व्यापक ऑनलाइन सरकारी सेवा मंच से संचालित की जाएगी।

यूएई की विख्यात दुबई सरकार के प्रिंस ने घोषणा की सरकार अगले 5 दशकों में दुबई में डिजिटल जीवन यापन और बढ़ने के हेतु उन्नत और विकास से होने योग्य रणनीतियों को कानूनी तौर से लागू करने की योजना की निर्माण कर रही है

यूएस, यूके, यूरोप तथा कनाडा जैसे बड़े पैमाने पर सरकारी संचालन को ऑनलाइन करने की योजना का अनुमोदन किया है। जिसमें सरकारी परी क्रियाएं तथा नागरिकता पहचान भी शामिल है

हालांकि संशयवादियों ने ऑनलाइन क्राइम अथवा साइबर हम लोग के प्रति इसकी भेजता का तर्क दिया है।

दुबई का इतिहास

दुबई जो कि संयुक्त अरब अमीरात का एक शहर है जो कि 3000 साल का अपना एक पुराना इतिहास रखता है जिसकी शुरुआत 9 जून 1833 को मानी जाती है

यहां के दक्षिण में आबू धाबी और पूर्वोत्तर में झारजाह है तथा यहां पर 7 अमीरात हैं अमीरात का अर्थ स्टेट होता है।

दुबई के आय के साधन तेल, पर्यटन , रियल स्टेट है। तथा आज की तारीख में या शहर बिजनेस हब बन चुका है।

यहां एक रेतीली जगह है जो कि ब्रिटेन से 9071 में सुनसान रे तेली स्थान की आजादी मिली थी जो कि 2012 तक अपनी व्यापार कला से शहरों में एक सबसे बड़ा विकसित शहर के रूप में उभर कर आया है।

जहां कि इनके पास नाही भोजन ,खनिज लवन तथा ना वैसे कीमती चीजों का भंडार है यहां के लोगों ने दो कदम आगे की सोच रखी आज आपने शहर को नंबर वन शहर दुबई को रखा है।

कैसे हुआ दुबई इतना विकासशील ?

दुबई में तेल पर कमाई इस शहर का मात्र 1% आय ही निर्धारित है । यहां की मुख्य आएगा स्रोत व्यापार है और व्यापार के जरिए लें धनराशि को बड़े-बड़े इमारत जैसे होटल बनाने के व्यापार करने के अन्य दरियो का निर्माण करते हैं और तो और यहां पर्यटन मुख्य रूप से आय के स्रोत का मुख्य हिस्सा बनती है यहां किसी भी तरह की प्रकृतिक पर्यटक स्थान नहीं है।

पर्यटन को मुख्य रूप से विकसित का दुबई को विकसित करने के लिए यहां कई मानव निर्मित पर्यटन स्थल बनाए गए हैं जैसे:-

  • पाम जुमेराल , एक मानव निर्मित द्वीप है जो कि बहुत ही दुर्लभ और कुछ अद्भुत अस्थापथ स्थलों में से एक है और यहां बिना एक मकान की कीमत 400 करोड़ के लगभग है।
  • बुर्ज खलीफा, दुनिया की सबसे ऊंची इमारत (828 m और 163 मंजिला) स्थित है।
  • 7 स्टार होटल जो कि पूरी दुनिया का इकलौता दुबई शहर में पाया जाता है।
  • सबसे बड़ा फ्लावर गार्डन भी यहां पाया जाता है जहां रेत ही रेत पाया जाता है जहां कटीले पौधे के अलग कुछ और विकसित हो पाना मुश्किल था।
  • यहां की सरकार लोगों से न के बराबर टैक्स देते हैं जिससे यहां लोगों के लिए कमाना कर बचाना और जल्द से जल्द बढ़ोतरी करना आसान हो जाता है

दुबई में सरकार के पास इतने पैसे आते कहां से हैं

यहां पर नागरिकों को तरह-तरह के फाइन का भरना पड़ता है जिससे जनता गलतियां भी काम करती हैं इन्हें पैसे भी मिलता हैं।

जैसे लड़कियों का हाथ पकड़ कर सड़क पर चलने पर लगभग 200 की फाइन है कार धुलाई ना हो तो उस पर भी फाइल लगता है।

रेड लाइट क्रॉस करने पर बैंक अकाउंट से स्वता पैसे कट जाते हैं

यहां पर्यटन स्थान का नुकसान करने तथा बिजनस का हब बनाने कर आज यहां व्यापार क्षेत्र में सबसे आगे है।

वर्तमान के आंकड़े दिखते हैं कि संयुक्त अरब अमीरात में विदेशियों का 88% भाज से अधिक है। तथा यह आंकड़े शायद दुबई शहर में और भी अधिक अनुमानित है।

बस 20 वर्ष पश्चात ही बाहरी नागरिकता के लिए आवेदन के लिए आस्था प्राप्त करते हैं यहां अधिकांश विदेशी भारत,बांग्लादेश और पाकिस्तान के निर्माणी श्रमिक हैं जिससे या गुणवत्ता वाले व्यक्तियों से अपने विकास की दर बढ़ाते जा रहे हैं।

सभी कागजी सरकारी काम ऑनलाइन करने के क्या फायदे हैं

350 मिलियन डॉलर दुबई बचाएंगे वह भी हर साल जिसमे से एक स्त्रोत है कम सरकारी कर्मचारी रख के सारी सरकारी कार्य सही तरीके से यानी रिश्वत हीन हो जाएगी और कम समय पर पूरा हो पाएगा

अब दुबई में 25% बिल्डिंग 3D प्रिंटेड पर आधारित कर 2030 तक पूरे करने का प्लेन किया गया है इससे इस शहर को एक करोड़ 340 राख श्रम धन की बचत हुई है सरकार के 45 कर्मियों में अब कोई भी तरह की कागजी काम नहीं होगी जिससे पर्यावरण तो काफी ज्यादा फायदा पहुंचेगा।

निष्कर्ष

शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कहते हैं

साधारण व्यक्ति पैसे बचाते हैं ताकि वह जशन उल्लास वह खुशियां मना सके लेकिन जो असाधारण लोग होते हैं की वह पैसे बचाते हैं ताकि वह एक बड़ा सा महल निर्माण कर सकें।

जहां के नेता की सोच इतनी अग्रगामी आगे तक सोचने वाली वाह विकास तो 100% होगी ही।

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