भारत में शुरू हुआ Child Vaccination

0
Child Vaccination
Child Vaccination

Child Vaccination भारत में 3 जनवरी से 15 -18 साल के के बच्चों के लिए भी वैक्सीनेशन शुरू हो चुकी है। ओमीक्रोन वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है । ऐसा माना जा रहा है कि करोना जैसे खतरनाक वायरस का असर सर्वप्रथम रोगी और कमजोर व्यक्तियों पर होगा क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कम होती है। बच्चों की इम्यूनिटी अच्छी होने के बावजूद बच्चों पर भी करोना का खतरा मौजूद है इसलिए माता-पिता व अभिभावक को यह सलाह सरकार वह इस मुद्दे पर काम कर रहे लोगों के द्वारा दी जा रही है।

अब आई बच्चों की बारी टीकाकरण है जरूरी

बच्चों में करोना के कम खत्री संबंधी व्यक्तियों की सलाह के अंतर्गत हिचक रहे हैं अभिभावक। अधिकृत अभिभावकों को बच्चों के लिए वैक्सीनेशन से जुड़ी विश्वास योग्य जानकारी की है तलाश। अब हुई तलाश व खोज बंद क्यों की सरकार ने दे दी है मंजूरी जो है बच्चों के लिए जरूरी

अब होगा 15 से 18 साल के बच्चों का 1 जनवरी से रजिस्ट्रेशन शुरू डॉ आर एस शर्मा तथा इस बात की पुष्टि Co-Win ऐप के जरिए की जाएगी‌ ।

बच्चों पर क्यों मंडरा रहा है खतरा

माता-पिता अभी भी दुविधा में है कि क्या बच्चों को वैक्सीन लगाना ठीक रहेगा। इसका कारण यह है कि इस विषय से जुड़ी हमारे पास कम जानकारिया है। तथा इन सभी अभिभावकों का कहना है अगर सरकार दे आश्वासन तो हम करवाएंगे अपने बच्चों का वैक्सीनेशन वही कुछ और माता-पता का भी कहना है कि हम लोगों ने करवाया है वैक्सीनेशन क्यों रखे बच्चों का डर में उन पर क्यों मंडराता रहेगा कोरोना का डर ।

यदि हम बच्चों का वैक्सीनेशन करवाएंगे तो बिना डर के उनकी स्कूल तथा सार्वजनिक स्थानों पर भेजा जा सकता है

उदाहरण-

पेशे से वकील और कक्षा एक में पढ़ने वाले विद्यार्थी की मां तानिया जी ने बयान दिया कि कई ऐसे डॉक्टर की सलाह है कि बड़े व्यक्तियों से उल्टा बच्चों में गंभीर करोना का खतर काम है। इसलिए उन्होंने मत दिया है कि वह कुछ समय का इंतजार करेंगी।

आश्वासन के इंतजार में सत्य प्रकाश ने मत दिया है कि बच्चों के संबंधित पयप्ति आंकड़ों जो भी प्रस्तुत किए गए हैं वह लगवाएंगे इसलिए सरकार के डाटा वाह आश्वासन के पश्चात व अपने बच्चों को Child Vaccination करवाने के लिए तैयार है।

वही रवि खत्री जी का मानना है कि बड़ों को भी वैक्सीन करवाने में खतरा था परंतु जिस प्रकार करोना का खतरा बढ़ने से कम हुआ है उसी प्रकार बच्चों पर से भी हटाना चाहिए। इसलिए यह साइड इफेक्ट्स के खतरे को भी लेने के लिए तैयार है।

कौन-कौन सी वैक्सीन को मिली मंजूरी

भारत में DCGI (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल) भारत बायोटेक कि Covaxin (कोवैक्सीन) को 15 से 18 साल के बच्चों के टीकाकरण को लगाने की मंजूरी दी गई ।

अमेरिकाइटली व कनाडाफ्रांसचीनजिंबाब्वे
फाइजरफाइजरफाइजरSinovac की बनाई CoronavacSinovac की वैक्सीन

बच्चों पर नहीं है ज्यादा खतरा फिर क्यों लगाई जा रही है Child Vaccination

सर्वे में काफी बच्चे संक्रमित पाए जा रहे हैं ये हालांकि वे जल्द ही ठीक भी हो जा रहे हैं लेकिन उन पर भविष्य में संक्रमित होने का खतरा रहेगा। इस बात को मध्य नजर रखते तथा करोना के अल्फा ,बीटा, गामा ,डेल्टा व ओमीक्रोन जैसे नए नए वेरिएंट से बच्चों को खतरे से बचाने के लिए या फैसला उनके हित के लिए किया गया है।

इसीलिए उन्हें कोविडसिन्ड ना दे कर कोवैक्सीन देने की मंजूरी दी गई है जो कि उनके इम्यूनिटी को कोई भी तरह की नुकसान पहुंचाए बिना उनको और अधिक बढ़ाने का ही काम करती है। सरकार ने सर्वप्रथम बीमार संक्रमित बच्चों को वैक्सीनेशन करवाने की गाइडलाइन तैयार कर दी है। स्कूली बच्चे को किसी भी तरह का डर चिंता के बिना माता-पिता स्कूल भेज सकते हैं। तथा साथ ही साथ यह भी माना जा रहा है कि करुण की तीसरी लहर में छोटे बच्चे भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि उन्हें अभी तक वैक्सीन से वंचित रखा गया है। तत्पश्चात ओमनीक्रोम से प्लेस तीसरी लहर ज्यादा प्रभावशाली होने के कारण अब जल्द से जल्द वैक्सीनेशन का कार्य संपन्न करना चाहिए और बूस्टर डोज की और अग्रेषित होना चाहिए ।

निष्कर्ष

भारतीय नागरिकता के तहत अब भारत में 15 से 18 साल के बच्चों की वैक्सीनेशन का पहला चरण शुरू कर दिया गया जिसमें सरकार व DCGI से Covaxin को मंजूरी मिल गई है और या बड़े खुशी की बात है पहले चरण के पहले दिन ही 0.4 मिलियन बच्चों की वैक्सीनेशन सजनता पूर्वक की गई है । और करोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तथा शुरू से ही अज्ञातदी जा रही है।

मार्क्स पहनना है जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग को दे मंजूरी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here